गणेश चतुर्थी 2 सितंबर को, बनाई जा रहीं इको फ्रेंडली मूर्तियां
गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के विभिन्न मंदिरों व सेक्टरों में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं। 2 सितंबर को शहर के घर-घर और मंदिरों में गणपति बप्पा मोरया की गूंज रहेगी। जिसकी वजह से बाजार अभी से बप्पा की रंग-बिरंगी मूर्तियों से गुलजार होने लगे हैं। यह मूर्तियां एक फिट से लेकर दस फिट तक की हैं। आकार के आधार पर मूर्तियां 300 रुपये से 15हजार तक की हैं। खास बात यह है कि बप्पा की ये सभी मूर्तियां इको फ्रेंडली हैं। गणेश जी की मूर्तियों के साथ पूजा से संबंधित सामग्री को लेने के लिए बाजारों में रौनक दिख रही हैं। मूर्तिकार सोनू ने बताया कि मूर्तियां बनाना उनका खानदानी पेशा है। हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर लोग बप्पा की इन मूर्तियों को खरीद कर अपने घरों में स्थापित करते हैं। जिस कारण मूर्तियों की मांग काफी बढ़ रही है। सेक्टर-36 में हर साल की तरह इस साल भी गणेश चतुर्थी बड़े ही धूमधाम से मनाई जाएगी। इसके अलावा सेक्टर-52, सेक्टर 22 स्थित चौड़ा गांव, सेक्टर-5, सेक्टर-56, नया बांस, सेक्टर 27, सेक्टर 82, सेक्टर.71, सेक्टर.9, सेक्टर.10 में श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर की विभिन्न सोसायटियों में भी गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां चल रही है। सेक्टर-2 स्थित श्री लाल मंदिर के पुजारी विनोद शास्त्री ने बताया कि पुराणों के अनुसार गणेश चतुर्थी के ही दिन भगवान गणेश का जन्म हुआ था और इसलिए गणेश जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन लोग कई जगह भगवान गणेश कीप्रतिमा को स्थापित करते हैं और 9 दिनों तक उसका पूजन करते हैं और दसवें दिन भगवान गणेश का विसर्जन कर दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इस साल गणेश चतुर्थी 2 सितंबर सोमवार को है, जिसको लेकर मंदिर में भी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 2 सितंबर के दिन मध्याह्न गणेश पूजा सुबह 11 बजे से दोपहर 1:41 तक रहेगीइसके बाद चतुर्थी तिथि का मुहुर्त आरंभ सुबह 4 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा।